जनकपुरधाम, ८ अखारः गहुम उत्पादनक लेल उर्वर आ अग्रणी मानल गेल मधेश प्रदेशमे अइ साल गहुम उत्पादनमे कमी आएल अइछ ।
मधेश प्रदेश कृषि निर्देशनालय नक्टाझिज धनुषा अनुसार अइ साल मधेश प्रदेशमे तीन लाख ७ सओ ३२ हेक्टर क्षेत्रफलमे प्रतिहेक्टर १.८ मेट्रिक टनके हिसाबसँ पाँच लाख ४३ हजार एक सओ ६० मेट्रिक टन गहुम उत्पादन भेल अइछ । बितल साल मधेश प्रदेशमे एक लाख ७८ हजार ४ सओ ३३ हेक्टर क्षेत्रफलमे प्रतिहेक्टर ३.३७ मेट्रिक टनके हिसाबसँ सात लाख ३१ हजार मेट्रिक टन गहुम उत्पादन भेल छल । अइ साल सबसँ बेसी धनुषामे ३३ हजार ५ सओ हेक्टर क्षेत्रफलमे प्रतिहेक्टर २.९४ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ९८ हजार ४ सओ ९० मेट्रिक टन गहुम उत्पादन भेल मधेश प्रदेश कृषि निर्देशनालयके बागबानी विकास अधिकृत किरण विश्वकर्मा जानकारी देलैन ।
बागबानी विकास अधिकृत विश्वकर्माके कहब अनुसार रौतहटमे १७ हजार २ सओ ९२ हेक्टरमे प्रतिहेक्टर ३.०५ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ५२ हजार ७ सओ ४१ मेट्रिक टन, सर्लाहीमे २७ हजार ४ सओ हेक्टरमे प्रतिहेक्टर २.५४ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ६९ हजार ५ सओ ९६ मेट्रिक टन आ महोत्तरीमे २७ हजार हेक्टरमे प्रतिहेक्टर २.६ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ७२ हजार ८ सओ मेट्रिक टन गहुम उत्पादन भेल अइछ ।
तहिना, सप्तरीमे २९ हजार ४ सओ हेक्टरमे प्रतिहेक्टर २.८ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ८२ हजार ३ सओ २० मेट्रिक टन, बारामे २९ हजार हेक्टरमे प्रतिहेक्टर २.४८ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ७१ हजार ९ सओ २० मेट्रिक टन, पर्सामे २३ हजार २० हेक्टर क्षेत्रफलमे प्रतिहेक्टर २.६ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ५९ हजार ८ सओ ५२ मेट्रिक टन आ सिरहामे १४ हजार एक सओ ७६.४८ हेक्टरमे प्रतिहेक्टर २.५१ मेट्रिक टनके हिसाबसँ ३५ हजार ४ सओ ४१ मेट्रिक टन गहुम उत्पादन भेल अधिकृत विश्वकर्मा बतौलैन ।
प्रतिकूल मौसम, रोग कीराके प्रकोप आ सिँचाइ तथा गुणस्तरीय बीउबिजनके अभावक कारण अइ साल गहुम उत्पादनमे कमी आएल मधेश प्रदेश कृषि निर्देशनालयके निर्देशक जितेन्द्र यादव बतौलैन । (रासस)





